बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामचरितमानस मुनि भावन। बिरचेउ संभु सुहावन पावन।।
मूल पाठ
रामचरितमानस मुनि भावन। बिरचेउ संभु सुहावन पावन।।
त्रिबिध दोष दुख दारिद दावन। कलि कुचालि कुलि कलुष नसावन।।
स्रोत अभिलेख 1.35 · पुस्तक पृ. 57, 58
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह रामचरितमानस मुनियोंका प्रिय है, इस सुहावने और पवित्र मानसकी शिवजीने रचना की। यह तीनों प्रकारके दोषों, दु:खों और दरिद्रताको तथा कलियुगकी कुचालों और सब पापोंका नाश करनेवाला है॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 58 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रामचरितमानस मुनि भावन। बिरचेउ संभु सुहावन पावन।।
English explanation
Shiva composed Ramcharitmanas, pleasing to sages, beautiful, and purifying.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामचरितमानस | राम के चरित का मानस-सरोवर | the lake of Rama’s deeds |
| मुनि | मुनियों को | to sages |
| भावन | प्रिय लगने वाला | pleasing |
| बिरचेउ | रचना की | composed |
| संभु | शंभु; भगवान शिव | Shiva |
| सुहावन | सुंदर; मनभावन | beautiful |
| पावन | पवित्र करने वाला | purifying |
2 त्रिबिध दोष दुख दारिद दावन। कलि कुचालि कुलि कलुष नसावन।।
English explanation
It subdues threefold faults, suffering, and poverty, and destroys the evil ways and accumulated impurities of the Kali age.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| त्रिबिध | तीन प्रकार के | threefold |
| दोष | दोष | faults |
| दुख | दुःख | suffering |
| दारिद | दरिद्रता | poverty |
| दावन | दमन करने वाला | subduing |
| कलि | कलियुग की | of the Kali age |
| कुचालि | बुरी चालें; दुष्ट आचरण | evil ways |
| कुलि | समूह; समूचा संचय | aggregate or whole accumulation |
| कलुष | पाप; मलिनता | sin or impurity |
| नसावन | नष्ट करने वाला | destroying |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 58
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 57, 58
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।