बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रानिन्ह सहित सोचबस सीया। अब धौं बिधिहि काह करनीया।।
मूल पाठ
रानिन्ह सहित सोचबस सीया। अब धौं बिधिहि काह करनीया।।
भूप बचन सुनि इत उत तकहीं। लखनु राम डर बोलि न सकहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.267 · पुस्तक पृ. 257, 258
भावार्थ
मूल पाठ के बादरानियोंसहित सीताजी [दुष्ट राजाओंके दुर्वचन सुनकर] सोचके वश हैं कि न जाने विधाता अब क्या करनेवाले हैं। राजाओंके वचन सुनकर लक्ष्मणजी इधर-उधर ताकते हैं; किन्तु श्रीरामचन्द्रजीके डरसे कुछ बोल नहीं सकते॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 257 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रानिन्ह सहित सोचबस सीया। अब धौं बिधिहि काह करनीया।।
English explanation
Sita, together with the queens, was overcome by worry: what would the Creator do now?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रानिन्ह | रानियों के | the queens |
| सहित | साथ | together with |
| सोचबस | चिंता के वश में | overcome by worry |
| सीया | सीता | Sita |
| अब | अब | now |
| धौं | भला; न जाने | indeed; one wonders |
| बिधिहि | विधाता को; विधाता द्वारा | by the Creator |
| काह | क्या | what |
| करनीया | करना है; करने वाला है | is to do; will do |
2 भूप बचन सुनि इत उत तकहीं। लखनु राम डर बोलि न सकहीं।।
English explanation
Hearing the kings’ words, Lakshmana looks this way and that, but cannot speak for fear of Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजाओं के | the kings’ |
| बचन | वचन; बातें | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| इत | इधर | this way |
| उत | उधर | that way |
| तकहीं | देखते हैं | looks |
| लखनु | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| राम | राम के | of Rama |
| डर | डर से; संकोच के कारण | for fear; out of deference |
| बोलि | बोल | speak |
| न | नहीं | not |
| सकहीं | सकते हैं | can |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.267
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 257
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 257, 258
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