बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राजा सबु रनिवास बोलाई। जनक पत्रिका बाचि सुनाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजाने सारे रनिवासको बुलाकर जनकजीकी पत्रिका बाँचकर सुनायी। समाचार सुनकर सब रानियाँ हर्षसे भर गयीं। राजाने फिर दूसरी सब बातोंका (जो दूतोंके मुखसे सुनी थीं) वर्णन किया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 279 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
राजा सबु रनिवास बोलाई। जनक पत्रिका बाचि सुनाई।।
सुनि संदेसु सकल हरषानीं। अपर कथा सब भूप बखानीं।।
स्रोत अभिलेख 1.295 · पुस्तक पृ. 279, 280
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राजा सबु रनिवास बोलाई। जनक पत्रिका बाचि सुनाई।।
English explanation
AI draft: King Dasharatha summoned all the queens and read Janaka’s letter aloud to them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राजा | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| सबु | सभी | all |
| रनिवास | रनिवास की रानियों को | the queens of the royal household |
| बोलाई | बुलाकर | having summoned |
| जनक | राजा जनक की | of King Janaka |
| पत्रिका | चिट्ठी | letter |
| बाचि | पढ़कर | having read |
| सुनाई | सुनाई | read aloud to them |
2 सुनि संदेसु सकल हरषानीं। अपर कथा सब भूप बखानीं।।
English explanation
Hearing the message, all the queens rejoiced. The king also related all the remaining news.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| संदेसु | संदेश | the message |
| सकल | सभी रानियाँ | all the queens |
| हरषानीं | हर्षित हुईं | rejoiced |
| अपर | अन्य | other |
| कथा | बातें | accounts |
| सब | सारी | all |
| भूप | राजा ने | the king |
| बखानीं | वर्णन करके सुनाईं | related |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.295
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 279
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 279, 280
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।