बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रन मद मत्त फिरइ जग धावा। प्रतिभट खौजत कतहुँ न पावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरणके मदमें मतवाला होकर वह अपनी जोड़ीका योद्धा खोजता हुआ जगत्भरमें दौड़ता फिरा, परन्तु उसे ऐसा योद्धा कहीं नहीं मिला। सूर्य, चन्द्रमा, वायु, वरुण, कुबेर, अग्रि, काल और यम आदि सब अधिकारी,॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 182 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रन मद मत्त फिरइ जग धावा। प्रतिभट खौजत कतहुँ न पावा।।
रबि ससि पवन बरुन धनधारी। अगिनि काल जम सब अधिकारी।।
स्रोत अभिलेख 1.182 · पुस्तक पृ. 182, 183
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रन मद मत्त फिरइ जग धावा। प्रतिभट खौजत कतहुँ न पावा।।
English explanation
Intoxicated with battle-pride, he ranged through the world on the attack; he sought an opposing warrior but found none anywhere.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रन | युद्ध का | of battle |
| मद | मद; अहंकार का नशा | intoxication; pride |
| मत्त | मतवाला; उन्मत्त | intoxicated; frenzied |
| फिरइ | फिरता है | roams |
| जग | संसार में | through the world |
| धावा | धावा बोलता हुआ | charging; on the attack |
| प्रतिभट | प्रतिद्वंद्वी योद्धा | opposing warrior |
| खौजत | खोजता हुआ | searching for |
| कतहुँ | कहीं भी | anywhere |
| न | नहीं | not |
| पावा | पाया | found |
2 रबि ससि पवन बरुन धनधारी। अगिनि काल जम सब अधिकारी।।
English explanation
The Sun, the Moon, Wind, Varuna, Kubera the lord of wealth, Fire, Time, Yama, and all the divine rulers—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रबि | सूर्य देव | the Sun god |
| ससि | चंद्रमा | the Moon |
| पवन | वायु देव | the Wind god |
| बरुन | जल के देवता वरुण | Varuna, god of waters |
| धनधारी | धनपति कुबेर | Kubera, lord of wealth |
| अगिनि | अग्नि देव | the Fire god |
| काल | काल; समय और विनाश की शक्ति | Time; the power of destruction |
| जम | मृत्यु के देवता यम | Yama, god of death |
| सब | सभी | all |
| अधिकारी | अधिकार रखने वाले देवता | divine rulers; authorities |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.182
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 182
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 182, 183
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।