बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रति गवनी सुनि संकर बानी। कथा अपर अब कहउँ बखानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशिवजीके वचन सुनकर रति चली गयी। अब दूसरी कथा बखानकर (विस्तारसे) कहता हूँ। ब्रह्मादि देवताओंने ये सब समाचार सुने तो वे वैकुण्ठको चले॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 103 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रति गवनी सुनि संकर बानी। कथा अपर अब कहउँ बखानी।।
देवन्ह समाचार सब पाए। ब्रह्मादिक बैकुंठ सिधाए।।
स्रोत अभिलेख 1.88 · पुस्तक पृ. 103, 103
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रति गवनी सुनि संकर बानी। कथा अपर अब कहउँ बखानी।।
English explanation
Hearing Shankara’s words, Rati departed. Now I narrate another story in detail.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, wife of the god of love |
| गवनी | चली गई | departed |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| संकर | शंकर की | Shankara’s (Shiva’s) |
| बानी | वाणी; कथन | words |
| कथा | कथा | story |
| अपर | दूसरी | another |
| अब | अब | now |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I narrate |
| बखानी | विस्तार से बताकर | in detail |
2 देवन्ह समाचार सब पाए। ब्रह्मादिक बैकुंठ सिधाए।।
English explanation
The gods received all the news. Brahma and the others proceeded to Vaikuntha.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देवन्ह | देवताओं ने | the gods |
| समाचार | समाचार | news |
| सब | सारा | all |
| पाए | प्राप्त किया | received |
| ब्रह्मादिक | ब्रह्मा और अन्य देवता | Brahma and the other gods |
| बैकुंठ | विष्णु के धाम वैकुंठ को | to Vaikuntha, Vishnu’s abode |
| सिधाए | चले गए | proceeded |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 103
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 103, 103
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।