बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रचे रुचिर बर बंदनिबारे। मनहुँ मनोभवँ फंद सँवारे।।
मूल पाठ
रचे रुचिर बर बंदनिबारे। मनहुँ मनोभवँ फंद सँवारे।।
मंगल कलस अनेक बनाए। ध्वज पताक पट चमर सुहाए।।
स्रोत अभिलेख 1.289 · पुस्तक पृ. 274, 275
भावार्थ
मूल पाठ के बादऐसे सुन्दर और उत्तम बंदनवार बनाये मानो कामदेवने फंदे सजाये हों। अनेकों मङ्गल-कलश और सुन्दर ध्वजा, पताका, परदे और चँवर बनाये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 274 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रचे रुचिर बर बंदनिबारे। मनहुँ मनोभवँ फंद सँवारे।।
English explanation
AI-draft interpretation: Beautiful, splendid doorway garlands were arranged, as though the god of love had adorned his snares.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रचे | रचे गए; सजाए गए | were fashioned and arranged |
| रुचिर | सुंदर | beautiful |
| बर | उत्तम | splendid |
| बंदनिबारे | द्वार पर लगने वाले सजावटी तोरण | decorative doorway garlands |
| मनहुँ | मानो | as though |
| मनोभवँ | कामदेव ने | the god of love had |
| फंद | फंदे; आकर्षण के जाल | snares of attraction |
| सँवारे | सजाए हों | adorned |
2 मंगल कलस अनेक बनाए। ध्वज पताक पट चमर सुहाए।।
English explanation
Many auspicious ceremonial vessels were prepared; flags, pennants, fabrics, and ceremonial fly-whisks looked splendid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंगल | मंगलसूचक | auspicious |
| कलस | पूजा या उत्सव के कलश | ceremonial vessels |
| अनेक | बहुत से | many |
| बनाए | तैयार किए गए | were prepared |
| ध्वज | झंडे | flags |
| पताक | पताकाएँ | pennants |
| पट | सजावटी वस्त्र | decorative fabrics |
| चमर | चँवर | ceremonial fly-whisks |
| सुहाए | सुंदर लग रहे थे | looked splendid |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.289
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 274
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 274, 275
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।