बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रघुपति चरन उपासक जेते। खग मृग सुर नर असुर समेते।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपशु, पक्षी, देवता, मनुष्य, असुरसमेत जितने श्रीरामजीके चरणोंके उपासक हैं, मैं उन सबके चरणकमलोंकी वन्दना करता हूँ, जो श्रीरामजीके निष्काम सेवक हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 40 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रघुपति चरन उपासक जेते। खग मृग सुर नर असुर समेते।।
बंदउँ पद सरोज सब केरे। जे बिनु काम राम के चेरे।।
स्रोत अभिलेख 1.18 · पुस्तक पृ. 40, 40
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रघुपति चरन उपासक जेते। खग मृग सुर नर असुर समेते।।
English explanation
All who worship Rama’s feet—including birds, animals, gods, humans, and demons—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम के | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| चरन | चरणों के | of the feet |
| उपासक | उपासक | worshippers |
| जेते | जितने भी | all those who |
| खग | पक्षी | birds |
| मृग | पशु | animals |
| सुर | देवता | gods |
| नर | मनुष्य | humans |
| असुर | असुर | demons |
| समेते | सहित | included |
2 बंदउँ पद सरोज सब केरे। जे बिनु काम राम के चेरे।।
English explanation
I bow to the lotus feet of all who serve Rama without selfish desire.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंदउँ | मैं वंदना करता हूँ | I bow in reverence |
| पद | चरण | feet |
| सरोज | कमल | lotuses |
| सब | सब | all |
| केरे | के | of |
| जे | जो | who |
| बिनु | बिना | without |
| काम | स्वार्थपूर्ण कामना | selfish desire |
| राम | राम | Rama |
| के | के | of |
| चेरे | सेवक | servants |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 40
- सहायक विषय
- श्रीसीताराम-धाम-परिकर-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 40, 40
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।