बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रंगभूमि आए दोउ भाई। असि सुधि सब पुरबासिन्ह पाई।।
मूल पाठ
रंगभूमि आए दोउ भाई। असि सुधि सब पुरबासिन्ह पाई।।
चले सकल गृह काज बिसारी। बाल जुबान जरठ नर नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.24 · पुस्तक पृ. 234, 235
भावार्थ
मूल पाठ के बाददोनों भाई रंगभूमिमें आये हैं, ऐसी खबर जब सब नगरनिवासियोंने पायी, तब बालक, जवान, बूढ़े, स्त्री, पुरुष सभी घर और काम-काजको भुलाकर चल दिये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 234 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रंगभूमि आए दोउ भाई। असि सुधि सब पुरबासिन्ह पाई।।
English explanation
All the townspeople received the news that the two brothers had arrived at the arena.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रंगभूमि | समारोह की रंगभूमि में | at the ceremonial arena |
| आए | आ गए | arrived |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई, राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
| असि | ऐसी; यह | such; this |
| सुधि | खबर | news |
| सब | सभी | all |
| पुरबासिन्ह | नगरवासियों ने | the townspeople |
| पाई | प्राप्त की | received |
2 चले सकल गृह काज बिसारी। बाल जुबान जरठ नर नारी।।
English explanation
Forgetting their household tasks, everyone set out—children, young people, the elderly, men and women.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चल पड़े | set out |
| सकल | सभी | everyone |
| गृह | घर के | household |
| काज | काम | tasks |
| बिसारी | भुलाकर | forgetting; setting aside |
| बाल | बच्चे | children |
| जुबान | जवान; युवा लोग | young people |
| जरठ | वृद्ध | elderly people |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 234
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 234, 235
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।