बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
यह उत्सव देखिअ भरि लोचन। सोइ कछु करहु मदन मद मोचन।
मूल पाठ
यह उत्सव देखिअ भरि लोचन। सोइ कछु करहु मदन मद मोचन।
कामु जारि रति कहुँ बरु दीन्हा। कृपासिंधु यह अति भल कीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.89 · पुस्तक पृ. 103, 104
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे कामदेवके मदको चूर करनेवाले! आप ऐसा कुछ कीजिये जिससे सब लोग इस उत्सवको नेत्र भरकर देखें। हे कृपाके सागर! कामदेवको भस्म करके आपने रतिको जो वरदान दिया सो बहुत ही अच्छा किया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 103 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 यह उत्सव देखिअ भरि लोचन। सोइ कछु करहु मदन मद मोचन।
English explanation
O Shiva, destroyer of the love-god’s pride, do something that will let us behold this wedding celebration to our eyes’ content.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| उत्सव | विवाह का उत्सव | wedding celebration |
| देखिअ | हम देख सकें | may we behold |
| भरि | भरकर; तृप्ति तक | to the full; to our content |
| लोचन | आँखें | eyes |
| सोइ | वही; ऐसा ही | that very thing; such a thing |
| कछु | कुछ | something |
| करहु | कीजिए | please do |
| मदन | कामदेव का | of the god of love |
| मद | अभिमान | pride |
| मोचन | मिटाने वाले शिव | Shiva, the destroyer |
2 कामु जारि रति कहुँ बरु दीन्हा। कृपासिंधु यह अति भल कीन्हा।।
English explanation
O ocean of compassion, you burned the love-god and granted Rati a boon; this was a very gracious deed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कामु | कामदेव को | the god of love |
| जारि | जलाकर | having burned |
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, the love-god’s wife |
| कहुँ | को | to |
| बरु | वरदान | a boon |
| दीन्हा | दिया | gave |
| कृपासिंधु | हे कृपा के सागर शिव | O Shiva, ocean of compassion |
| यह | यह कार्य | this deed |
| अति | बहुत | very |
| भल | अच्छा | good |
| कीन्हा | किया | did |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.89
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 103
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 103, 104
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।