बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा। तिन्ह निज ओर न लाउब भोरा।।
मूल पाठ
मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा। तिन्ह निज ओर न लाउब भोरा।।
बायस पलिअहिं अति अनुरागा। होहिं निरामिष कबहुँ कि कागा।।
स्रोत अभिलेख 1.5 · पुस्तक पृ. 24, 25
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैंने अपनी ओरसे विनती की है, परन्तु वे अपनी ओरसे कभी नहीं चूकेंगे। कौओंको बड़े प्रेमसे पालिये; परन्तु वे क्या कभी मांसके त्यागी हो सकते हैं?॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 24 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा। तिन्ह निज ओर न लाउब भोरा।।
English explanation
AI draft: I have made my humble appeal on my part; they will not acknowledge any fault on their own side.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैंने | I |
| अपनी | अपनी | my own |
| दिसि | ओर से | on the side of |
| कीन्ह | किया | made |
| निहोरा | विनम्र निवेदन | a humble appeal |
| तिन्ह | वे दुष्ट लोग | those wicked people |
| निज | अपनी | their own |
| ओर | ओर | side |
| न | नहीं | not |
| लाउब | लगाएँगे या मानेंगे | will attribute or acknowledge |
| भोरा | भूल या दोष | error or fault |
2 बायस पलिअहिं अति अनुरागा। होहिं निरामिष कबहुँ कि कागा।।
English explanation
Even if crows are raised with great affection, will they ever cease eating flesh?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बायस | कौए | crows |
| पलिअहिं | पाले जाएँ | are raised |
| अति | बहुत | great |
| अनुरागा | प्रेम से | with affection |
| होहिं | हो जाएँगे | will become |
| निरामिष | मांस न खाने वाले | non-flesh-eating |
| कबहुँ | कभी | ever |
| कि | क्या | whether; will |
| कागा | कौए | crows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 24
- सहायक विषय
- संत-असंत-वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 24, 25
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।