बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मुनि आगमन सुना जब राजा। मिलन गयऊ लै बिप्र समाजा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजाने जब मुनिका आना सुना, तब वे ब्राह्मणोंके समाजको साथ लेकर मिलने गये और दण्डवत् करके मुनिका सम्मान करते हुए उन्हें लाकर अपने आसनपर बैठाया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 205 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मुनि आगमन सुना जब राजा। मिलन गयऊ लै बिप्र समाजा।।
करि दंडवत मुनिहि सनमानी। निज आसन बैठारेन्हि आनी।।
स्रोत अभिलेख 1.207 · पुस्तक पृ. 205, 206
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मुनि आगमन सुना जब राजा। मिलन गयऊ लै बिप्र समाजा।।
English explanation
When King Dasharatha heard of sage Vishvamitra’s arrival, he went to meet him with a company of Brahmins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि विश्वामित्र का | of sage Vishvamitra |
| आगमन | आना | arrival |
| सुना | सुना | heard |
| जब | जब | when |
| राजा | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| मिलन | मिलने के लिए | to meet him |
| गयऊ | गए | went |
| लै | साथ लेकर | taking along |
| बिप्र | ब्राह्मणों का | of Brahmins |
| समाजा | समुदाय | company |
2 करि दंडवत मुनिहि सनमानी। निज आसन बैठारेन्हि आनी।।
English explanation
The king prostrated himself, honored the sage, and brought him in and seated him on his own seat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| दंडवत | दंडवत प्रणाम | full prostration |
| मुनिहि | मुनि को | the sage |
| सनमानी | सम्मान किया | honored |
| निज | अपने | his own |
| आसन | आसन पर | on the seat |
| बैठारेन्हि | बैठाया | seated him |
| आनी | लाकर | having brought him |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.207
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 205
- सहायक विषय
- विश्वामित्रका राजा दशरथसे राम-लक्ष्मणको माँगना
- मुद्रित पृष्ठ
- 205, 206
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।