बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मुनितय तरी लगत पग धूरी। कीरति रही भुवन भरि पूरी।।
मूल पाठ
मुनितय तरी लगत पग धूरी। कीरति रही भुवन भरि पूरी।।
कमठ पीठि पबि कूट कठोरा। नृप समाज महुँ सिव धनु तोरा।।
स्रोत अभिलेख 1.357 · पुस्तक पृ. 337, 337
भावार्थ
मूल पाठ के बादचरणोंकी धूलि लगते ही मुनिपत्नी अहल्या तर गयी। विश्वभरमें यह कीॢत पूर्णरीतिसे व्याप्त हो गयी। कच्छपकी पीठ, वज्र और पर्वतसे भी कठोर शिवजीके धनुषको राजाओंके समाजमें तुमने तोड़ दिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 337 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मुनितय तरी लगत पग धूरी। कीरति रही भुवन भरि पूरी।।
English explanation
At the touch of the dust of Rama’s feet, the sage’s wife Ahalya was delivered; Rama’s fame spread throughout the world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनितय | मुनि की पत्नी अहल्या | the sage’s wife, Ahalya |
| तरी | उद्धार पा गईं | was delivered |
| लगत | लगते ही | as soon as it touched |
| पग | चरणों की | of the feet |
| धूरी | धूल | dust |
| कीरति | कीर्ति | fame |
| रही | हो गई / बनी रही | became / remained |
| भुवन | संसार में | in the world |
| भरि | भर में | throughout |
| पूरी | व्याप्त | pervasive |
2 कमठ पीठि पबि कूट कठोरा। नृप समाज महुँ सिव धनु तोरा।।
English explanation
In the assembly of kings, you broke Shiva’s bow, harder even than a tortoise’s shell and a mass of thunderbolt.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कमठ | कछुए की | of a tortoise |
| पीठि | पीठ | back or shell |
| पबि | वज्र का | of the thunderbolt |
| कूट | पिंड / ठोस खंड | solid mass |
| कठोरा | अत्यंत कठोर | exceedingly hard |
| नृप | राजाओं की | of kings |
| समाज | सभा | assembly |
| महुँ | में | in |
| सिव | शिव का | of Shiva |
| धनु | धनुष | bow |
| तोरा | तोड़ दिया | broke |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.357
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 337
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 337, 337
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।