बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
माया बिबस भए मुनि मूढ़ा। समुझी नहिं हरि गिरा निगूढ़ा।।
मूल पाठ
माया बिबस भए मुनि मूढ़ा। समुझी नहिं हरि गिरा निगूढ़ा।।
गवने तुरत तहाँ रिषिराई। जहाँ स्वयंबर भूमि बनाई।।
स्रोत अभिलेख 1.133 · पुस्तक पृ. 143, 143
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[भगवान्की] मायाके वशीभूत हुए मुनि ऐसे मूढ़ हो गये कि वे भगवान्की अगूढ़ (स्पष्ट) वाणीको भी न समझ सके। ऋषिराज नारदजी तुरंत वहाँ गये जहाँ स्वयंवरकी भूमि बनायी गयी थी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 143 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 माया बिबस भए मुनि मूढ़ा। समुझी नहिं हरि गिरा निगूढ़ा।।
English explanation
Overpowered by illusion, the sage became deluded and did not understand Hari’s deeply veiled words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माया | माया के | illusion |
| बिबस | वश में | under the sway of |
| भए | हो गए | became |
| मुनि | मुनि नारद | the sage Narada |
| मूढ़ा | भ्रमित | deluded |
| समुझी | समझी | understood |
| नहिं | नहीं | not |
| हरि | भगवान विष्णु की | of Lord Vishnu |
| गिरा | वाणी | utterance |
| निगूढ़ा | गहरे छिपे अर्थ वाली | deeply veiled in meaning |
2 गवने तुरत तहाँ रिषिराई। जहाँ स्वयंबर भूमि बनाई।।
English explanation
The foremost sage immediately went to the place prepared for the bride’s choice of a husband.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गवने | गए | went |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| तहाँ | वहाँ | there |
| रिषिराई | मुनिश्रेष्ठ नारद | Narada, foremost among sages |
| जहाँ | जहाँ | where |
| स्वयंबर | वर चुनने के समारोह की | for the bride’s choice of a husband |
| भूमि | स्थल | site |
| बनाई | तैयार की गई थी | had been prepared |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.133
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 143
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 143, 143
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