बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मागहु भूमि धेनु धन कोसा। सर्बस देउँ आजु सहरोसा।।
मूल पाठ
मागहु भूमि धेनु धन कोसा। सर्बस देउँ आजु सहरोसा।।
देह प्रान तें प्रिय कछु नाही। सोउ मुनि देउँ निमिष एक माही।।
स्रोत अभिलेख 1.208 · पुस्तक पृ. 206, 207
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे मुनि! आप पृथ्वी, गौ, धन और खजाना माँग लीजिये, मैं आज बड़े हर्षके साथ अपना सर्वस्व दे दूँगा। देह और प्राणसे अधिक प्यारा कुछ भी नहीं होता, मैं उसे भी एक पलमें दे दूँगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 206 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मागहु भूमि धेनु धन कोसा। सर्बस देउँ आजु सहरोसा।।
English explanation
Ask for land, cows, wealth, or treasure; today I will gladly give you everything I possess.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मागहु | माँगिए | ask for |
| भूमि | भूमि | land |
| धेनु | गायें | cows |
| धन | धन | wealth |
| कोसा | खजाना | treasure |
| सर्बस | अपना सब कुछ | all I possess |
| देउँ | मैं दे दूँ | I will give |
| आजु | आज | today |
| सहरोसा | प्रसन्नतापूर्वक | gladly |
2 देह प्रान तें प्रिय कछु नाही। सोउ मुनि देउँ निमिष एक माही।।
English explanation
Nothing is dearer than one's body and life; O sage, even these I would give in a single instant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देह | शरीर | body |
| प्रान | प्राण | life |
| तें | से अधिक | than |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| कछु | कुछ भी | anything |
| नाही | नहीं है | is not |
| सोउ | उन्हें भी | even those |
| मुनि | हे मुनि | O sage |
| देउँ | मैं दे दूँ | I would give |
| निमिष | क्षण | instant |
| एक | एक | one |
| माही | में | within |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.208
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 206
- सहायक विषय
- विश्वामित्रका राजा दशरथसे राम-लक्ष्मणको माँगना
- मुद्रित पृष्ठ
- 206, 207
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।