बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
महामंत्र जोइ जपत महेसू। कासीं मुकुति हेतु उपदेसू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो महामन्त्र है, जिसे महेश्वर श्रीशिवजी जपते हैं और उनके द्वारा जिसका उपदेश काशीमें मुक्तिका कारण है, तथा जिसकी महिमाको गणेशजी जानते हैं, जो इस 'राम नामके प्रभावसे ही सबसे पहले पूजे जाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 41 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
महामंत्र जोइ जपत महेसू। कासीं मुकुति हेतु उपदेसू।।
महिमा जासु जान गनराउ। प्रथम पूजिअत नाम प्रभाऊ।।
स्रोत अभिलेख 1.19 · पुस्तक पृ. 41, 41
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 महामंत्र जोइ जपत महेसू। कासीं मुकुति हेतु उपदेसू।।
English explanation
It is the great mantra that Shiva repeats and teaches in Kashi for liberation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महामंत्र | महान मंत्र | great mantra |
| जोइ | जिसे | which |
| जपत | जपते हैं | repeats in prayer |
| महेसू | महेश; शिव | Shiva, the great Lord |
| कासीं | काशी में | in Kashi |
| मुकुति | मुक्ति | liberation |
| हेतु | के लिए | for |
| उपदेसू | उपदेश देते हैं | teaches |
2 महिमा जासु जान गनराउ। प्रथम पूजिअत नाम प्रभाऊ।।
English explanation
Ganesha knows the glory of that name; through its power, he is worshipped first.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महिमा | महिमा | glory |
| जासु | जिसकी | whose |
| जान | जानते हैं | knows |
| गनराउ | गणों के राजा गणेश | Ganesha, lord of the hosts |
| प्रथम | सबसे पहले | first |
| पूजिअत | पूजे जाते हैं | is worshipped |
| नाम | नाम के | of the name |
| प्रभाऊ | प्रभाव से | through the power |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 41
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 41, 41
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।