बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बंदउँ नाम राम रघुवर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैं श्रीरघुनाथजीके नाम 'राम की वन्दना करता हूँ, जो कृशानु (अग्नि), भानु (सूर्य) और हिमकर (चन्द्रमा) का हेतु अर्थात् 'र 'आ और 'म रूपसे बीज है। वह 'राम नाम ब्रह्मा, विष्णु और शिवरूप है। वह वेदोंका प्राण है; निर्गुण, उपमारहित और गुणोंका भण्डार है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 41 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बंदउँ नाम राम रघुवर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को।।
बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो। अगुन अनूपम गुन निधान सो।।
स्रोत अभिलेख 1.19 · पुस्तक पृ. 41, 41
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बंदउँ नाम राम रघुवर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को।।
English explanation
AI draft: I bow to the name of Rama, the foremost of Raghu’s lineage, which is the source of fire, sun, and moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंदउँ | मैं वंदना करता हूँ | I bow in reverence |
| नाम | नाम की | to the name |
| राम | भगवान राम | Rama |
| रघुवर | रघुकुल के श्रेष्ठ | foremost of Raghu’s lineage |
| को | का | of |
| हेतु | कारण; मूल | cause; source |
| कृसानु | अग्नि | fire |
| भानु | सूर्य | sun |
| हिमकर | चंद्रमा | moon |
| को | का | of |
2 बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो। अगुन अनूपम गुन निधान सो।।
English explanation
That name embodies Brahma, Vishnu, and Shiva and is the life of the Vedas; it is beyond qualities, incomparable, and a treasury of virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधि | ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| हरि | विष्णु | Vishnu |
| हरमय | शिवमय | embodying Shiva |
| बेद | वेदों का | of the Vedas |
| प्रान | प्राण; जीवन-सार | life; vital essence |
| सो | वह नाम | that name |
| अगुन | निर्गुण; गुणों से परे | beyond qualities |
| अनूपम | जिसकी उपमा नहीं | incomparable |
| गुन | गुणों का | of virtues |
| निधान | भंडार | treasury |
| सो | वह नाम | that name |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 41
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 41, 41
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।