बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मरनसीलु जिमि पाव पिऊषा। सुरतरु लहै जनम कर भूखा।।
मूल पाठ
मरनसीलु जिमि पाव पिऊषा। सुरतरु लहै जनम कर भूखा।।
पाव नारकी हरिपदु जैसें। इन्ह कर दरसनु हम कहँ तैसे।।
स्रोत अभिलेख 1.335 · पुस्तक पृ. 319, 319
भावार्थ
मूल पाठ के बादमरनेवाला जिस तरह अमृत पा जाय, जन्मका भूखा कल्पवृक्ष पा जाय और नरकमें रहनेवाला (या नरकके योग्य) जीव जैसे भगवान्के परमपदको प्राप्त हो जाय, हमारे लिये इनके दर्शन वैसे ही हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 319 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मरनसीलु जिमि पाव पिऊषा। सुरतरु लहै जनम कर भूखा।।
English explanation
As a mortal might obtain nectar of immortality, or someone hungry since birth might find the wish-fulfilling tree.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मरनसीलु | मरणशील व्यक्ति | a mortal |
| जिमि | जैसे | as |
| पाव | पा जाए | might obtain |
| पिऊषा | अमृत | nectar of immortality |
| सुरतरु | कल्पवृक्ष | the wish-fulfilling celestial tree |
| लहै | प्राप्त कर ले | might obtain |
| जनम | जन्म | birth |
| कर | से | since |
| भूखा | भूखा व्यक्ति | a hungry person |
2 पाव नारकी हरिपदु जैसें। इन्ह कर दरसनु हम कहँ तैसे।।
English explanation
As someone in hell might attain Hari's supreme abode, so is the sight of these princes for us.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पाव | पा जाए | might attain |
| नारकी | नरकवासी | a dweller in hell |
| हरिपदु | हरि का परम पद | Hari's supreme abode |
| जैसें | जैसे | just as |
| इन्ह | इन राजकुमारों | these princes |
| कर | का | of |
| दरसनु | दर्शन | the sight |
| हम | हमारे | us |
| कहँ | लिए | for |
| तैसे | वैसे ही | so too |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.335
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 319
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 319, 319
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।