बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मदन अंध ब्याकुल सब लोका। निसि दिनु नहिं अवलोकहिं कोका।।
मूल पाठ
मदन अंध ब्याकुल सब लोका। निसि दिनु नहिं अवलोकहिं कोका।।
देव दनुज नर किंनर ब्याला। प्रेत पिसाच भूत बेताला।।
स्रोत अभिलेख 1.85 · पुस्तक पृ. 99, 100
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब लोग कामान्ध होकर व्याकुल हो गये। चकवा-चकवी रात-दिन नहीं देखते। देव, दैत्य, मनुष्य, किन्नर, सर्प, प्रेत, पिशाच, भूत, बेताल—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 100 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मदन अंध ब्याकुल सब लोका। निसि दिनु नहिं अवलोकहिं कोका।।
English explanation
All beings were blinded and agitated by desire; even the chakravaka birds paid no heed to night or day.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मदन | काम से | by desire |
| अंध | अंधे | blinded |
| ब्याकुल | व्याकुल | agitated |
| सब | सब | all |
| लोका | प्राणी; लोग | beings; people |
| निसि | रात | night |
| दिनु | दिन | day |
| नहिं | नहीं | not |
| अवलोकहिं | देखते; ध्यान देते | observe; heed |
| कोका | चकवे | chakravaka birds (ruddy shelducks) |
2 देव दनुज नर किंनर ब्याला। प्रेत पिसाच भूत बेताला।।
English explanation
Gods, demons, humans, celestial kinnara beings, serpents, departed spirits, flesh-eating spirits, ghosts, and vetalas—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | देवता | gods |
| दनुज | दैत्य | demons |
| नर | मनुष्य | humans |
| किंनर | किन्नर; एक प्रकार के दिव्य प्राणी | kinnaras, a class of celestial beings |
| ब्याला | सर्प | serpents |
| प्रेत | प्रेत; मृतात्माएँ | departed spirits |
| पिसाच | पिशाच | flesh-eating spirits |
| भूत | भूत | ghosts |
| बेताला | बेताल; शव में रहने वाले प्रेत | vetalas, corpse-inhabiting spirits |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.85
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 100
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना
- मुद्रित पृष्ठ
- 99, 100
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।