बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मति अति नीच ऊँचि रुचि आछी। चहिअ अमिअ जग जुरइ न छाछी।।
मूल पाठ
मति अति नीच ऊँचि रुचि आछी। चहिअ अमिअ जग जुरइ न छाछी।।
छमिहहिं सज्जन मोरि ढिठाई। सुनिहहिं बालबचन मन लाई।।
स्रोत अभिलेख 1.8 · पुस्तक पृ. 28, 29
भावार्थ
मूल पाठ के बादमेरी बुद्धि तो अत्यन्त नीची है और चाह बड़ी ऊँची है; चाह तो अमृत पानेकी है, पर जगत्में जुड़ती छाछ भी नहीं। सज्जन मेरी ढिठाईको क्षमा करेंगे और मेरे बालवचनोंको मन लगाकर (प्रेमपूर्वक) सुनेंगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 28 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मति अति नीच ऊँचि रुचि आछी। चहिअ अमिअ जग जुरइ न छाछी।।
English explanation
My intellect is very lowly, yet my aspiration is lofty and fine; I desire nectar, though I cannot obtain even buttermilk in this world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मति | बुद्धि | intellect |
| अति | अत्यंत | extremely |
| नीच | हीन; अल्प | lowly; limited |
| ऊँचि | ऊँची | lofty |
| रुचि | चाह | aspiration |
| आछी | अच्छी | fine |
| चहिअ | चाहता हूँ | I desire |
| अमिअ | अमृत | nectar of immortality |
| जग | संसार में | in the world |
| जुरइ | जुटता है; मिलता है | is obtainable |
| न | नहीं | not |
| छाछी | छाछ भी | even buttermilk |
2 छमिहहिं सज्जन मोरि ढिठाई। सुनिहहिं बालबचन मन लाई।।
English explanation
Good people will forgive my audacity and listen attentively to my childlike words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छमिहहिं | क्षमा करेंगे | will forgive |
| सज्जन | सज्जन लोग | good people |
| मोरि | मेरी | my |
| ढिठाई | धृष्टता | audacity |
| सुनिहहिं | सुनेंगे | will listen |
| बालबचन | बालसुलभ वचन | childlike words |
| मन | मन; ध्यान | mind; attention |
| लाई | लगाकर | applying |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 28
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 28, 29
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