बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंगल सगुन सुगंध सुहाए। बहुत भाँति महिपाल पठाए।।
मूल पाठ
मंगल सगुन सुगंध सुहाए। बहुत भाँति महिपाल पठाए।।
दधि चिउरा उपहार अपारा। भरि भरि काँवरि चले कहारा।।
स्रोत अभिलेख 1.305 · पुस्तक पृ. 287, 288
भावार्थ
मूल पाठ के बादतथा बहुत प्रकारके सुगन्धित एवं सुहावने मङ्गल-द्रव्य और सगुनके पदार्थ राजाने भेजे। दही, चिउड़ा और अगणित उपहारकी चीजें काँवरोंमें भर-भरकर कहार चले॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 288 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मंगल सगुन सुगंध सुहाए। बहुत भाँति महिपाल पठाए।।
English explanation
The king sent many kinds of auspicious articles, tokens of good omen, and pleasing fragrant substances.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंगल | मंगलकारी वस्तुएँ | auspicious articles |
| सगुन | शुभ शकुन की वस्तुएँ | tokens of good omen |
| सुगंध | सुगंधित पदार्थ | fragrant substances |
| सुहाए | सुंदर और सुखद | lovely and pleasing |
| बहुत | बहुत-से | many |
| भाँति | प्रकार के | kinds of |
| महिपाल | राजा जनक ने | King Janaka |
| पठाए | भेजे | sent |
2 दधि चिउरा उपहार अपारा। भरि भरि काँवरि चले कहारा।।
English explanation
The bearers set out with carrying yokes loaded with curd, flattened rice, and countless gifts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दधि | दही | curd |
| चिउरा | चिउड़ा | flattened rice |
| उपहार | भेंटें | gifts |
| अपारा | असंख्य | countless |
| भरि | भरकर | filling |
| भरि | भरकर | fully loading |
| काँवरि | काँवरों में | into carrying yokes |
| चले | चल पड़े | set out |
| कहारा | भार ढोने वाले कहार | load bearers |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.305
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 288
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 287, 288
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।