बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंगल द्रब्य मनोहर नाना। राजत बाजत बिपुल निसाना।।
मूल पाठ
मंगल द्रब्य मनोहर नाना। राजत बाजत बिपुल निसाना।।
कतहुँ बिरिद बंदी उच्चरहीं। कतहुँ बेद धुनि भूसुर करहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.297 · पुस्तक पृ. 281, 281
भावार्थ
मूल पाठ के बादअनेकों प्रकारके मनोहर माङ्गलिक पदार्थ शोभित हो रहे हैं और बहुत-से नगाड़े बज रहे हैं। कहीं भाट विरुदावली (कुलकीॢत) का उच्चारण कर रहे हैं और कहीं ब्राह्मण वेदध्वनि कर रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 281 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मंगल द्रब्य मनोहर नाना। राजत बाजत बिपुल निसाना।।
English explanation
Many delightful ceremonial articles are beautifully displayed, and numerous kettledrums resound.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंगल | मंगलकारी | auspicious |
| द्रब्य | सामग्रियाँ | ceremonial articles |
| मनोहर | मनोहर | delightful |
| नाना | अनेक प्रकार की | of many kinds |
| राजत | शोभित हैं | are beautifully displayed |
| बाजत | बज रहे हैं | resound |
| बिपुल | बहुत-से | numerous |
| निसाना | नगाड़े | kettledrums |
2 कतहुँ बिरिद बंदी उच्चरहीं। कतहुँ बेद धुनि भूसुर करहीं।।
English explanation
In some places bards proclaim praises, while elsewhere Brahmins chant the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कतहुँ | कहीं | in some places |
| बिरिद | यश; प्रशस्तियाँ | praises; encomiums |
| बंदी | भाट; स्तुति करने वाले | bards; praise-singers |
| उच्चरहीं | उच्चारण करते हैं | proclaim |
| कतहुँ | कहीं | elsewhere |
| बेद | वेदों की | of the Vedas |
| धुनि | पाठ की ध्वनि | sound of recitation |
| भूसुर | ब्राह्मण | Brahmins |
| करहीं | करते हैं | produce; perform |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.297
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 281
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 281, 281
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।