बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गावहिं सुंदरि मंगल गीता। लै लै नामु रामु अरु सीता।।
मूल पाठ
गावहिं सुंदरि मंगल गीता। लै लै नामु रामु अरु सीता।।
बहुत उछाहु भवनु अति थोरा। मानहुँ उमगि चला चहु ओरा।।
स्रोत अभिलेख 1.297 · पुस्तक पृ. 281, 281
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुन्दरी स्त्रियाँ श्रीरामजी और श्रीसीताजीका नाम ले-लेकर मङ्गलगीत गा रही हैं। उत्साह बहुत है और महल अत्यन्त ही छोटा है। इससे [उसमें न समाकर] मानो वह उत्साह (आनन्द) चारों ओर उमड़ चला है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 281 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गावहिं सुंदरि मंगल गीता। लै लै नामु रामु अरु सीता।।
English explanation
Beautiful women sing auspicious songs, repeatedly invoking the names of Rama and Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गावहिं | गाती हैं | sing |
| सुंदरि | सुंदर स्त्रियाँ | beautiful women |
| मंगल | मंगलकारी | auspicious |
| गीता | गीत | songs |
| लै | लेकर | taking; invoking |
| लै | बार-बार लेकर | repeatedly invoking |
| नामु | नाम | names |
| रामु | दशरथ-पुत्र राम का | of Rama, Dasharatha’s son |
| अरु | और | and |
| सीता | जनक-पुत्री सीता का | of Sita, Janaka’s daughter |
2 बहुत उछाहु भवनु अति थोरा। मानहुँ उमगि चला चहु ओरा।।
English explanation
The rejoicing is immense and the palace too small to contain it, as though it has surged out in every direction.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुत | बहुत अधिक | immense |
| उछाहु | उत्साह; उल्लास | rejoicing; exuberance |
| भवनु | महल | palace |
| अति | अत्यंत | very; exceedingly |
| थोरा | छोटा; अपर्याप्त | small; insufficient |
| मानहुँ | मानो | as though |
| उमगि | उमड़कर | surging up |
| चला | फैल चला | has spread outward |
| चहु | चारों | all four |
| ओरा | ओर; दिशाओं में | directions |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.297
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 281
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 281, 281
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।