बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूषन सकल सुदेस सुहाए। अंग अंग रचि सखिन्ह बनाए।।
मूल पाठ
भूषन सकल सुदेस सुहाए। अंग अंग रचि सखिन्ह बनाए।।
रंगभूमि जब सिय पगु धारी। देखि रूप मोहे नर नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.248 · पुस्तक पृ. 241, 242
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब आभूषण अपनी-अपनी जगहपर शोभित हैं, जिन्हें सखियोंने अंग-अंगमें भलीभाँति सजाकर पहनाया है। जब सीताजीने रंगभूमिमें पैर रखा, तब उनका [दिव्य] रूप देखकर स्त्री- पुरुष—सभी मोहित हो गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 242 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भूषन सकल सुदेस सुहाए। अंग अंग रचि सखिन्ह बनाए।।
English explanation
All the ornaments looked lovely in their proper places; her companions had carefully adorned every part of her body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| सकल | सभी | all |
| सुदेस | उचित स्थानों पर | in fitting places |
| सुहाए | सुंदर लगे | looked lovely |
| अंग | अंग | each bodily part |
| अंग | प्रत्येक अंग | every bodily part |
| रचि | सँवारकर | carefully arranging |
| सखिन्ह | सखियों ने | her companions |
| बनाए | सजाए | adorned |
2 रंगभूमि जब सिय पगु धारी। देखि रूप मोहे नर नारी।।
English explanation
When Sita stepped into the assembly arena, the men and women were captivated by her beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रंगभूमि | स्वयंवर की रंगभूमि में | into the marriage-contest arena |
| जब | जब | when |
| सिय | सीता ने | Sita |
| पगु | पाँव | her foot |
| धारी | रखा | set down |
| देखि | देखकर | seeing |
| रूप | सुंदर रूप | her beauty |
| मोहे | मोहित हुए | were captivated |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.248
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 242
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 241, 242
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