बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूप भवन तेहि अवसर सोहा। रचना देखि मदन मनु मोहा।।
मूल पाठ
भूप भवन तेहि अवसर सोहा। रचना देखि मदन मनु मोहा।।
मंगल सगुन मनोहरताई। रिधि सिधि सुख संपदा सुहाई।।
स्रोत अभिलेख 1.345 · पुस्तक पृ. 327, 328
भावार्थ
मूल पाठ के बादउस समय राजमहल [अत्यन्त] शोभित हो रहा था। उसकी रचना देखकर कामदेवका भी मन मोहित हो जाता था। मङ्गल शकुन, मनोहरता, ऋद्धि-सिद्धि, सुख, सुहावनी सम्पत्ति॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 327 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भूप भवन तेहि अवसर सोहा। रचना देखि मदन मनु मोहा।।
English explanation
AI-generated draft: On that occasion the king’s palace shone so beautifully that its decoration captivated even the god of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा का | the king’s |
| भवन | महल | palace |
| तेहि | उस | that |
| अवसर | अवसर पर | on the occasion |
| सोहा | शोभित हुआ | shone beautifully |
| रचना | सजावट | decoration |
| देखि | देखकर | on seeing |
| मदन | कामदेव का | the god of love’s |
| मनु | मन | mind |
| मोहा | मोहित हो गया | was captivated |
2 मंगल सगुन मनोहरताई। रिधि सिधि सुख संपदा सुहाई।।
English explanation
Auspiciousness, good omens, loveliness, prosperity, accomplishment, happiness, and splendid wealth graced the place.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंगल | मंगलमयता | auspiciousness |
| सगुन | शुभ शकुन | good omens |
| मनोहरताई | मनोहरता | loveliness |
| रिधि | समृद्धि | prosperity |
| सिधि | सिद्धि; सफलता | accomplishment; success |
| सुख | सुख | happiness |
| संपदा | धन-संपत्ति | wealth |
| सुहाई | सुंदर; सुहावनी | beautiful; pleasing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.345
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 327
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 327, 328
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।