बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जनु उछाह सब सहज सुहाए। तनु धरि धरि दसरथ दसरथ गृहँ छाए।।
मूल पाठ
जनु उछाह सब सहज सुहाए। तनु धरि धरि दसरथ दसरथ गृहँ छाए।।
देखन हेतु राम बैदेही। कहहु लालसा होहि न केही।।
स्रोत अभिलेख 1.345 · पुस्तक पृ. 327, 328
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर सब प्रकारके उत्साह (आनन्द) मानो सहज सुन्दर शरीर धर-धरकर दशरथजीके घरमें छा गये हैं। श्रीरामचन्द्रजी और सीताजीके दर्शनोंके लिये भला कहिये किसे लालसा न होगी?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 327 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जनु उछाह सब सहज सुहाए। तनु धरि धरि दसरथ दसरथ गृहँ छाए।।
English explanation
It was as though all these naturally lovely joys of celebration had taken bodily form and filled Dasharatha’s home. The supplied text repeats his name, apparently through duplication.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनु | मानो | as though |
| उछाह | उत्साह; आनंदोत्सव | festive joy |
| सब | सब | all |
| सहज | स्वभावतः | naturally |
| सुहाए | सुंदर; सुहावने | lovely; pleasing |
| तनु | शरीर; मूर्त रूप | body; tangible form |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| दसरथ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| दसरथ | दशरथ के | Dasharatha’s |
| गृहँ | घर में | in the home |
| छाए | छा गए | filled; spread throughout |
2 देखन हेतु राम बैदेही। कहहु लालसा होहि न केही।।
English explanation
Tell me, who would not long to see Rama and Sita?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखन | देखने के | to see |
| हेतु | लिए | for the purpose of |
| राम | राम को | Rama |
| बैदेही | सीता को, विदेह की राजकुमारी | Sita, princess of Videha |
| कहहु | बताओ | tell me |
| लालसा | अभिलाषा | longing |
| होहि | हो | would arise |
| न | नहीं | not |
| केही | किसे | in whom |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.345
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 327
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 327, 328
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।