बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूप भरत पुनि लिए बोलाई। हय गय स्यंदन साजहु जाई।।
मूल पाठ
भूप भरत पुनि लिए बोलाई। हय गय स्यंदन साजहु जाई।।
चलहु बेगि रघुबीर बराता। सुनत पुलक पूरे दोउ भ्राता।।
स्रोत अभिलेख 1.298 · पुस्तक पृ. 281, 282
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर राजाने भरतजीको बुला लिया और कहा कि जाकर घोड़े , हाथी और रथ सजाओ, जल्दी रामचन्द्रजीकी बारातमें चलो। यह सुनते ही दोनों भाई (भरतजी और शत्रुघ्नजी) आनन्दवश पुलकसे भर गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 281 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भूप भरत पुनि लिए बोलाई। हय गय स्यंदन साजहु जाई।।
English explanation
King Dasharatha then summoned Bharata and said, “Go and prepare the horses, elephants, and chariots.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| भरत | भरत को, राम के भाई को | Bharata, Rama’s brother |
| पुनि | फिर | then; again |
| लिए | लिया | did; completed the action |
| बोलाई | बुलाकर | having called |
| हय | घोड़े | horses |
| गय | हाथी | elephants |
| स्यंदन | रथ | chariots |
| साजहु | तैयार करो | prepare; equip |
| जाई | जाकर | having gone; go and |
2 चलहु बेगि रघुबीर बराता। सुनत पुलक पूरे दोउ भ्राता।।
English explanation
“Proceed quickly with Rama’s wedding procession.” On hearing this, both brothers, Bharata and Shatrughna, thrilled with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलहु | चलो | proceed |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम की | of Rama, the hero of Raghu’s lineage |
| बराता | विवाह की बरात में | with the wedding procession |
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| पुलक | आनंद का रोमांच | thrills of joy; goosebumps |
| पूरे | भर गए | became filled |
| दोउ | दोनों | both |
| भ्राता | भाई, भरत और शत्रुघ्न | brothers, Bharata and Shatrughna |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.298
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 281
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 281, 282
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।