बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूप बागु बर देखेउ जाई। जहँ बसंत रितु रही लोभाई।।
मूल पाठ
भूप बागु बर देखेउ जाई। जहँ बसंत रितु रही लोभाई।।
लागे बिटप मनोहर नाना। बरन बरन बर बेलि बिताना।।
स्रोत अभिलेख 1.227 · पुस्तक पृ. 223, 223
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने जाकर राजाका सुन्दर बाग देखा, जहाँ वसन्त-ऋतु लुभाकर रह गयी है। मनको लुभानेवाले अनेक वृक्ष लगे हैं। रंग-बिरंगी उत्तम लताओंके मण्डप छाये हुए हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 223 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भूप बागु बर देखेउ जाई। जहँ बसंत रितु रही लोभाई।।
English explanation
They went and saw the king’s splendid garden, where spring was enchanting with its beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा जनक का | of King Janaka |
| बागु | बाग | garden |
| बर | सुंदर, श्रेष्ठ | splendid |
| देखेउ | देखा | saw |
| जाई | जाकर | having gone |
| जहँ | जहाँ | where |
| बसंत | वसंत | spring |
| रितु | ऋतु | season |
| रही | रही थी | was |
| लोभाई | लुभा रही | enchanting |
2 लागे बिटप मनोहर नाना। बरन बरन बर बेलि बिताना।।
English explanation
Many kinds of lovely trees grew there, with canopies of beautiful creepers of varied kinds and colors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लागे | लगे हुए थे | were growing |
| बिटप | वृक्ष | trees |
| मनोहर | मन को मोहने वाले | lovely |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
| बरन | विविध रंगों या प्रकारों के | of varied colors or kinds |
| बरन | तरह-तरह के | of many varieties |
| बर | सुंदर | beautiful |
| बेलि | लताओं के | of creepers |
| बिताना | मंडप या छतरियाँ | canopies or bowers |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.227
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 223
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 223, 223
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।