बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नव पल्लव फल सुमान सुहाए। निज संपति सुर रूख लजाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनये पत्तों, फलों और फूलोंसे युक्त सुन्दर वृक्ष अपनी सम्पत्तिसे कल्पवृक्षको भी लजा रहे हैं। पपीहे, कोयल, तोते, चकोर आदि पक्षी मीठी बोली बोल रहे हैं और मोर सुन्दर नृत्य कर रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 223 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नव पल्लव फल सुमान सुहाए। निज संपति सुर रूख लजाए।।
चातक कोकिल कीर चकोरा। कूजत बिहग नटत कल मोरा।।
स्रोत अभिलेख 1.227 · पुस्तक पृ. 223, 223
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नव पल्लव फल सुमान सुहाए। निज संपति सुर रूख लजाए।।
English explanation
Fresh shoots, fruits, and flowers looked lovely; with their own rich beauty, the trees put even celestial trees to shame.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नव | नई | fresh |
| पल्लव | कोंपलें और कोमल पत्ते | shoots and tender leaves |
| फल | फल | fruits |
| सुमान | फूल | flowers |
| सुहाए | सुंदर लग रहे थे | looked lovely |
| निज | अपनी | their own |
| संपति | समृद्धि और शोभा से | with richness and beauty |
| सुर | देवताओं के | celestial |
| रूख | वृक्षों को | trees |
| लजाए | लजा रहे थे | put to shame |
2 चातक कोकिल कीर चकोरा। कूजत बिहग नटत कल मोरा।।
English explanation
Birds such as pied cuckoos, cuckoos, parrots, and chukor partridges were calling, while graceful peacocks danced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चातक | चातक पक्षी | pied cuckoos |
| कोकिल | कोयलें | cuckoos |
| कीर | तोते | parrots |
| चकोरा | चकोर पक्षी | chukor partridges |
| कूजत | कूज रहे थे | were calling |
| बिहग | पक्षी | birds |
| नटत | नाच रहे थे | were dancing |
| कल | सुंदर, मनोहर | graceful and lovely |
| मोरा | मोर | peacocks |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.227
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 223
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 223, 223
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।