बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूप बचन सुनि सहज सुहाए। जरित कनक मनि पलँग डसाए।।
मूल पाठ
भूप बचन सुनि सहज सुहाए। जरित कनक मनि पलँग डसाए।।
सुभग सुरभि पय फेन समाना। कोमल कलित सुपेतीं नाना।।
स्रोत अभिलेख 1.356 · पुस्तक पृ. 336, 336
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाके स्वभावसे ही सुन्दर वचन सुनकर [रानियोंने] मणियोंसे जड़े सुवर्णके पलँग बिछवाये। [गद्दोंपर] गौके दूधके फेनके समान सुन्दर एवं कोमल अनेकों सफेद चादरें बिछायीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 336 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भूप बचन सुनि सहज सुहाए। जरित कनक मनि पलँग डसाए।।
English explanation
Hearing the king’s naturally gracious words, beds inlaid with gold and gems were prepared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा के | the king’s |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सहज | स्वभावतः | naturally |
| सुहाए | मनोहर | pleasing |
| जरित | जड़े हुए | inlaid |
| कनक | सोना | gold |
| मनि | रत्न | gems |
| पलँग | पलंग | beds |
| डसाए | बिछवाए | had prepared |
2 सुभग सुरभि पय फेन समाना। कोमल कलित सुपेतीं नाना।।
English explanation
There were many beautiful, soft, finely arranged white bedcovers, like the foam of cow’s milk.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| सुरभि | गाय के | of a cow |
| पय | दूध | milk |
| फेन | फेन | foam |
| समाना | के समान | like |
| कोमल | मुलायम | soft |
| कलित | सुंदर ढंग से सजी | finely arranged |
| सुपेतीं | श्वेत चादरें | white bedcovers |
| नाना | अनेक प्रकार की | of various kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.356
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 336
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 336, 336
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।