बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भूप धरम जे बेद बखाने। सकल करइ सादर सुख माने।।
मूल पाठ
भूप धरम जे बेद बखाने। सकल करइ सादर सुख माने।।
दिन प्रति देह बिबिध बिधि दाना। सुनहु सास्त्र बर बेद पुराना।।
स्रोत अभिलेख 1.155 · पुस्तक पृ. 160, 161
भावार्थ
मूल पाठ के बादवेदोंमें राजाओंके जो धर्म बताये गये हैं, राजा सदा आदरपूर्वक और सुख मानकर उन सबका पालन करता था। प्रतिदिन अनेक प्रकारके दान देता और उत्तम शास्त्र, वेद और पुराण सुनता था॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 161 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भूप धरम जे बेद बखाने। सकल करइ सादर सुख माने।।
English explanation
The king respectfully fulfilled all the royal duties described in the Vedas and took pleasure in doing so.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूप | राजा के | of a king |
| धरम | धर्म; कर्तव्य | duties; righteous obligations |
| जे | जो | which |
| बेद | वेदों ने | the Vedas |
| बखाने | बताए हैं | have described |
| सकल | सभी | all |
| करइ | पालन करता है | fulfills |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| सुख | सुख; प्रसन्नता | pleasure; happiness |
| माने | अनुभव करता है | takes; experiences |
2 दिन प्रति देह बिबिध बिधि दाना। सुनहु सास्त्र बर बेद पुराना।।
English explanation
The contextual sense is that the king gave gifts in various ways each day and listened to excellent scriptures, the Vedas, and the Puranas. The supplied forms देह and सुनहु introduce textual uncertainty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दिन | दिन | day |
| प्रति | प्रत्येक; हर | each; every |
| देह | देता था—संभावित आशय | gave—probable intended sense |
| बिबिध | अनेक | various |
| बिधि | प्रकारों से | in ways |
| दाना | दान | gifts; charitable donations |
| सुनहु | सुनो; संदर्भ में संभवतः सुनता था | listen; context probably intends listened |
| सास्त्र | शास्त्र | scriptural treatises |
| बर | उत्तम | excellent |
| बेद | वेद | the Vedas |
| पुराना | पुराण ग्रंथ | the Puranas |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.155
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 161
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 160, 161
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।