बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भुवन चारि दस भरा उछाहू। जनकसुता रघुबीर बिआहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दचौदहों लोकोंमें उत्साह भर गया कि जानकीजी और श्रीरघुनाथजीका विवाह होगा। यह शुभ समाचार पाकर लोग प्रेममग्न हो गये और रास्ते, घर तथा गलियाँ सजाने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 280 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भुवन चारि दस भरा उछाहू। जनकसुता रघुबीर बिआहू।।
सुनि सुभ कथा लोग अनुरागे। मग गृह गलीं सँवारन लागे।।
स्रोत अभिलेख 1.296 · पुस्तक पृ. 280, 280
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भुवन चारि दस भरा उछाहू। जनकसुता रघुबीर बिआहू।।
English explanation
Enthusiasm for the wedding of Janaka’s daughter Sita and Rama, the hero of Raghu’s lineage, filled all fourteen worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भुवन | लोक | worlds |
| चारि | चार | four |
| दस | दस | ten |
| भरा | भर गया | filled |
| उछाहू | उत्साह | enthusiasm |
| जनकसुता | जनक की पुत्री सीता | Sita, daughter of Janaka |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| बिआहू | विवाह | wedding |
2 सुनि सुभ कथा लोग अनुरागे। मग गृह गलीं सँवारन लागे।।
English explanation
Hearing the auspicious news, people were filled with affection and began decorating roads, homes, and lanes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| कथा | समाचार अथवा वृत्तांत | news or account |
| लोग | लोग | people |
| अनुरागे | प्रेम से भर गए | became filled with affection |
| मग | मार्ग | roads |
| गृह | घर | homes |
| गलीं | गलियाँ | lanes |
| सँवारन | सजाने | to decorate |
| लागे | लगे | began |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.296
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 280
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 280, 280
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।