बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भाइन्ह सहित उबटि अन्हवाए। छरस असन अति हेतु जेवाँए।।
मूल पाठ
भाइन्ह सहित उबटि अन्हवाए। छरस असन अति हेतु जेवाँए।।
बोले रामु सुअवसरु जानी। सील सनेह सकुचमय बानी।।
स्रोत अभिलेख 1.336 · पुस्तक पृ. 320, 320
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने भाइयोंसहित श्रीरामजीको उबटन करके स्नान कराया और बड़े प्रेमसे षट्रस भोजन कराया। सुअवसर जानकर श्रीरामचन्द्रजी शील, स्नेह और संकोचभरी वाणी बोले—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 320 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भाइन्ह सहित उबटि अन्हवाए। छरस असन अति हेतु जेवाँए।।
English explanation
They applied bathing paste to Rama and his brothers, bathed them, and lovingly served them food containing all six tastes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भाइन्ह | भाइयों के | the brothers |
| सहित | साथ | together with |
| उबटि | उबटन लगाकर | having applied bathing paste |
| अन्हवाए | स्नान कराया | bathed them |
| छरस | छह रसों वाला | containing the six tastes |
| असन | भोजन | food |
| अति | अत्यंत | very |
| हेतु | स्नेह से | affectionately |
| जेवाँए | भोजन कराया | fed them |
2 बोले रामु सुअवसरु जानी। सील सनेह सकुचमय बानी।।
English explanation
Recognizing a suitable moment, Rama spoke in words full of courtesy, affection, and reserve.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | spoke |
| रामु | श्रीराम | Rama |
| सुअवसरु | उचित अवसर | a suitable occasion |
| जानी | जानकर | recognizing |
| सील | शिष्टता | courtesy |
| सनेह | स्नेह | affection |
| सकुचमय | संकोच से भरी | filled with reserve |
| बानी | वाणी | speech |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.336
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 320
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 320, 320
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।