बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भनिति बिचित्र सुकबि कृत जोऊ। राम नाम बिनु सोह न सोऊ।।
मूल पाठ
भनिति बिचित्र सुकबि कृत जोऊ। राम नाम बिनु सोह न सोऊ।।
बिधुबदनी सब भाँति सँवारी। सोन न बसन बिना बर नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.1 · पुस्तक पृ. 30, 31
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो अच्छे कविके द्वारा रची हुई बड़ी अनूठी कविता है, वह भी रामनामके बिना शोभा नहीं पाती। जैसे चन्द्रमाके समान मुखवाली सुन्दर स्त्री सब प्रकारसे सुसज्जित होनेपर भी वस्त्रके बिना शोभा नहीं देती॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 30 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भनिति बिचित्र सुकबि कृत जोऊ। राम नाम बिनु सोह न सोऊ।।
English explanation
However remarkable a poem composed by a fine poet may be, even it lacks beauty without Rama’s name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भनिति | कविता, काव्य-रचना | poetry, poetic composition |
| बिचित्र | अद्भुत, कलात्मक | remarkable, artful |
| सुकबि | अच्छे कवि द्वारा | by a fine poet |
| कृत | रचित | composed |
| जोऊ | जो भी हो, भले ही हो | whatever it may be, even if |
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| नाम | नाम | name |
| बिनु | बिना | without |
| सोह | शोभा पाती है | has beauty |
| न | नहीं | not |
| सोऊ | वह भी | even that |
2 बिधुबदनी सब भाँति सँवारी। सोन न बसन बिना बर नारी।।
English explanation
A beautiful, moon-faced woman, though adorned in every way, does not look becoming without clothes. (This reads ‘सोन’ provisionally as an apparent typo for ‘सोह’.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधुबदनी | चंद्रमा-जैसे मुख वाली | moon-faced |
| सब | सभी | every |
| भाँति | प्रकार से | way, manner |
| सँवारी | सजाई-सँवारी हुई | adorned |
| सोन | शोभा पाती है (संभावित अर्थ) | looks becoming (provisional reading) |
| न | नहीं | not |
| बसन | वस्त्रों के | clothes |
| बिना | बिना | without |
| बर | सुंदर, उत्तम | beautiful, fine |
| नारी | स्त्री | woman |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 30
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 30, 31
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।