बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भए सब सुखी देखि दोउ भ्राता। बारि बिलोचन पुलकित गाता।।
मूल पाठ
भए सब सुखी देखि दोउ भ्राता। बारि बिलोचन पुलकित गाता।।
मूरति मधुर मनोहर देखी। भयउ बिदेहु बिदेहु बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 1.215 · पुस्तक पृ. 213, 213
भावार्थ
मूल पाठ के बाददोनों भाइयोंको देखकर सभी सुखी हुए। सबके नेत्रोंमें जल भर आया (आनन्द और प्रेमके आँसू उमड़ पड़े) और शरीर रोमाञ्चित हो उठे। रामजीकी मधुर मनोहर मूॢतको देखकर विदेह (जनक) विशेषरूपसे विदेह (देहकी सुध-बुधसे रहित) हो गये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 213 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भए सब सुखी देखि दोउ भ्राता। बारि बिलोचन पुलकित गाता।।
English explanation
Everyone was delighted to see the two brothers; their eyes filled with tears and their bodies thrilled with goosebumps.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भए | हुए | became |
| सब | सब | everyone |
| सुखी | प्रसन्न | happy |
| देखि | देखकर | seeing |
| दोउ | दोनों | both |
| भ्राता | भाइयों को | the brothers |
| बारि | जल, यहाँ आँसू | water, here tears |
| बिलोचन | आँखों में | in their eyes |
| पुलकित | रोमांचित | thrilled with goosebumps |
| गाता | शरीर | bodies |
2 मूरति मधुर मनोहर देखी। भयउ बिदेहु बिदेहु बिसेषी।।
English explanation
Seeing their sweet, captivating forms, King Janaka, called Videha, became especially oblivious to his body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मूरति | रूप / छवि | form / appearance |
| मधुर | मधुर | sweet |
| मनोहर | मन को मोहने वाली | captivating |
| देखी | देखकर | having seen |
| भयउ | हो गए | became |
| बिदेहु | विदेह राजा जनक | King Janaka, called Videha |
| बिदेहु | देह की सुध से रहित | oblivious to bodily awareness |
| बिसेषी | विशेष रूप से | especially |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.215
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 213
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणको देखकर जनकजीकी प्रेम-मुग्धता
- मुद्रित पृष्ठ
- 213, 213
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।