बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बोले रामहि देइ निहोरा। बचउँ बिचारि बंधु लघु तोरा।।
मूल पाठ
बोले रामहि देइ निहोरा। बचउँ बिचारि बंधु लघु तोरा।।
मनु मलीन तनु सुंदर कैसें। बिष रस भरा कनक घटु जैसैं।।
स्रोत अभिलेख 1.278 · पुस्तक पृ. 266, 266
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब श्रीरामचन्द्रजीपर एहसान जनाकर परशुरामजी बोले—तेरा छोटा भाई समझकर मैं इसे बचा रहा हूँ। यह मनका मैला और शरीरका कैसा सुन्दर है, जैसे विषके रससे भरा हुआ सोनेका घड़ा!॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 266 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बोले रामहि देइ निहोरा। बचउँ बिचारि बंधु लघु तोरा।।
English explanation
Parashurama spoke to Rama, presenting his restraint as a favor: “I spare him because I consider him your younger brother.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | said |
| रामहि | राम से | to Rama |
| देइ | करते हुए | making |
| निहोरा | उपकार का जतावा | a show of favor |
| बचउँ | मैं बचाता हूँ, छोड़ देता हूँ | I spare him |
| बिचारि | समझकर | considering |
| बंधु | भाई | brother |
| लघु | छोटा | younger |
| तोरा | तुम्हारा | your |
2 मनु मलीन तनु सुंदर कैसें। बिष रस भरा कनक घटु जैसैं।।
English explanation
His mind is impure, yet how beautiful his body is—like a golden vessel filled with poisonous liquid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मनु | मन | mind |
| मलीन | मैला, दूषित | impure |
| तनु | शरीर | body |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| कैसें | कैसा, कितना | how very |
| बिष | विष | poison |
| रस | द्रव | liquid |
| भरा | भरा हुआ | filled |
| कनक | सोने का | golden |
| घटु | घड़ा | vessel |
| जैसैं | जैसे | like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.278
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 266
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 266, 266
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।