बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बोले बामदेउ सब साँची। कीरति कलित लोक तिहुँ माची।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवामदेवजी बोले—ये सब बातें सत्य हैं। विश्वामित्रजीकी सुन्दर कीॢत तीनों लोकोंमें छायी हुई है। यह सुनकर सब किसीको आनन्द हुआ। श्रीराम-लक्ष्मणके हृदयमें अधिक उत्साह (आनन्द) हुआ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 339 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बोले बामदेउ सब साँची। कीरति कलित लोक तिहुँ माची।।
सुनि आनंदु भयउ सब काहू। राम लखन उर अधिक उछाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.359 · पुस्तक पृ. 338, 339
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बोले बामदेउ सब साँची। कीरति कलित लोक तिहुँ माची।।
English explanation
Vamadeva said, ‘All this is true. His glorious fame has spread throughout the three worlds.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | said |
| बामदेउ | ऋषि वामदेव | the sage Vamadeva |
| सब | सभी बातें | all these accounts |
| साँची | सत्य हैं | are true |
| कीरति | कीर्ति | fame |
| कलित | सुंदर, शोभायुक्त | glorious, splendid |
| लोक | लोकों में | in the worlds |
| तिहुँ | तीनों | all three |
| माची | फैल गई है | has spread |
2 सुनि आनंदु भयउ सब काहू। राम लखन उर अधिक उछाहू।।
English explanation
Hearing this, everyone felt joy; Rama and Lakshmana felt especially great enthusiasm in their hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| आनंदु | आनंद | joy |
| भयउ | हुआ | arose |
| सब | सब | every |
| काहू | किसी को | person |
| राम | राम के | Rama’s |
| लखन | लक्ष्मण के | Lakshmana’s |
| उर | हृदय में | in the hearts |
| अधिक | विशेष रूप से अधिक | especially great |
| उछाहू | उत्साह | enthusiasm |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.359
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 339
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 338, 339
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।