बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बोले कृपासिंधु बृषकेतू। कहहु अमर आए केहि हेतू।।
मूल पाठ
बोले कृपासिंधु बृषकेतू। कहहु अमर आए केहि हेतू।।
कह बिधि तुम्ह प्रभु अंतरजामी। तदपि भगति बस बिनवउँ स्वामी।।
स्रोत अभिलेख 1.88 · पुस्तक पृ. 103, 103
भावार्थ
मूल पाठ के बादकृपाके समुद्र शिवजी बोले—हे देवताओ! कहिये, आप किसलिये आये हैं? ब्रह्माजीने कहा— हे प्रभो! आप अन्तर्यामी हैं, तथापि हे स्वामी! भक्तिवश मैं आपसे विनती करता हूँ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 103 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बोले कृपासिंधु बृषकेतू। कहहु अमर आए केहि हेतू।।
English explanation
Shiva, the ocean of compassion whose banner bears a bull, said: Tell me, gods, for what purpose have you come?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | said |
| कृपासिंधु | कृपा के सागर | ocean of compassion |
| बृषकेतू | वृषभ-चिह्न वाली ध्वजा के धारक शिव | Shiva, whose banner bears a bull |
| कहहु | बताओ | tell me |
| अमर | हे देवताओं | O gods |
| आए | आए हो | have you come |
| केहि | किस | what |
| हेतू | उद्देश्य से | for purpose |
2 कह बिधि तुम्ह प्रभु अंतरजामी। तदपि भगति बस बिनवउँ स्वामी।।
English explanation
Brahma said: Lord, you know everyone’s inner heart; nevertheless, moved by devotion, I make this entreaty, Master.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | बोले | said |
| बिधि | ब्रह्मा | Brahma |
| तुम्ह | आप | you |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| अंतरजामी | सबके अंतःकरण को जानने वाले | knower of all inner hearts |
| तदपि | फिर भी | nevertheless |
| भगति | भक्ति | devotion |
| बस | के वश होकर | moved by |
| बिनवउँ | मैं विनती करता हूँ | I entreat |
| स्वामी | हे स्वामी | O Master |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 103
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 103, 103
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।