बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बेगि सो मै डारिहउँ उखारी। पन हमार सेवक हितकारी।।
मूल पाठ
बेगि सो मै डारिहउँ उखारी। पन हमार सेवक हितकारी।।
मुनि कर हित मम कौतुक होई। अवसि उपाय करबि मै सोई।।
स्रोत अभिलेख 1.129 · पुस्तक पृ. 139, 140
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं उसे तुरंत ही उखाड़ फेंकूँगा, क्योंकि सेवकोंका हित करना हमारा प्रण है। मैं अवश्य ही वह उपाय करूँगा जिससे मुनिका कल्याण और मेरा खेल हो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 140 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बेगि सो मै डारिहउँ उखारी। पन हमार सेवक हितकारी।।
English explanation
“I will soon uproot and cast it away; my pledge is to benefit my servants.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेगि | शीघ्र | soon |
| सो | उसे | that tree |
| मै | मैं | I |
| डारिहउँ | फेंक दूँगा | will cast away |
| उखारी | उखाड़कर | having uprooted |
| पन | प्रण | pledge |
| हमार | मेरा | my |
| सेवक | सेवकों के लिए | for my servants |
| हितकारी | हित करने वाला | beneficial |
2 मुनि कर हित मम कौतुक होई। अवसि उपाय करबि मै सोई।।
English explanation
“I will certainly adopt that means which benefits the sage and also affords me playful delight.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि का | the sage |
| कर | का | of |
| हित | हित | welfare |
| मम | मेरा | my |
| कौतुक | कौतुक, खेल का आनंद | playful delight |
| होई | हो | may come about |
| अवसि | अवश्य | certainly |
| उपाय | उपाय | means |
| करबि | करूँगा | will undertake |
| मै | मैं | I |
| सोई | वही | that very one |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.129
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 140
- सहायक विषय
- नारदका अभिमान और मायाका प्रभाव
- मुद्रित पृष्ठ
- 139, 140
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।