बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बेगि करहु किन आँखिन्ह ओटा। देखत छोट खोट नृप ढोटा।।
मूल पाठ
बेगि करहु किन आँखिन्ह ओटा। देखत छोट खोट नृप ढोटा।।
बिहसे लखनु कहा मन माहीं। मूदें आँखि कतहुँ कोउ नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.28 · पुस्तक पृ. 267, 268
भावार्थ
मूल पाठ के बादइसको शीघ्र ही आँखोंकी ओट क्यों नहीं करते? यह राजपुत्र देखनेमें छोटा है, पर है बड़ा खोटा। लक्ष्मणजीने हँसकर मन-ही-मन कहा—आँख मूँद लेनेपर कहीं कोई नहीं है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 268 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बेगि करहु किन आँखिन्ह ओटा। देखत छोट खोट नृप ढोटा।।
English explanation
Why not quickly remove him from my sight? This king’s son looks young, but is wicked.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| करहु | करो | make |
| किन | क्यों नहीं | why not |
| आँखिन्ह | आँखों से | from the eyes |
| ओटा | ओझल | hidden from sight |
| देखत | देखने में | in appearance |
| छोट | छोटा, कम उम्र का | small, young |
| खोट | खोटा, दुष्ट | wicked |
| नृप | राजा का | the king’s |
| ढोटा | बेटा | son |
2 बिहसे लखनु कहा मन माहीं। मूदें आँखि कतहुँ कोउ नाहीं।।
English explanation
Lakshmana laughed and said inwardly: Once you close your eyes, no one is visible anywhere.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिहसे | हँसे | laughed |
| लखनु | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| कहा | कहा | said |
| मन | मन | mind |
| माहीं | में | within |
| मूदें | बंद कर लेने पर | upon closing |
| आँखि | आँखें | eyes |
| कतहुँ | कहीं भी | anywhere |
| कोउ | कोई | anyone |
| नाहीं | नहीं है | is not there |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 268
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 267, 268
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।