बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बुध बिश्राम सकल जन रंजनि। रामकथा कलि कलुष बिभंजनि।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरामकथा पण्डितोंको विश्राम देनेवाली, सब मनुष्योंको प्रसन्न करनेवाली और कलियुगके पापोंका नाश करनेवाली है। रामकथा कलियुगरूपी साँपके लिये मोरनी है और विवेकरूपी अग्निके प्रकट करनेके लिये अरणि (मन्थन की जानेवाली लकड़ी) है, (अर्थात् इस कथासे ज्ञानकी प्राप्ति होती है)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 53 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बुध बिश्राम सकल जन रंजनि। रामकथा कलि कलुष बिभंजनि।।
रामकथा कलि पंनग भरनी। पुनि बिबेक पावक कहुँ अरनी।।
स्रोत अभिलेख 1.31 · पुस्तक पृ. 53, 54
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1बुध बिश्राम सकल जन रंजनि। रामकथा कलि कलुष बिभंजनि।।
English explanation
The story of Rama is a resting place for the wise, delights everyone, and destroys the impurities of the age of Kali.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बुध | ज्ञानी जनों का | for the wise |
| बिश्राम | विश्रामस्थल | resting place |
| सकल | सभी | all |
| जन | लोगों को | people |
| रंजनि | आनंद देने वाली | delighting |
| रामकथा | भगवान राम की कथा | the story of Lord Rama |
| कलि | कलियुग के | of the age of Kali |
| कलुष | पाप-मल | moral impurities |
| बिभंजनि | नष्ट करने वाली | destroying |
2रामकथा कलि पंनग भरनी। पुनि बिबेक पावक कहुँ अरनी।।
English explanation
The story of Rama is a female eagle against the serpent of Kali, and fire-kindling wood for the flame of discernment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामकथा | राम की कथा | the story of Rama |
| कलि | कलियुगरूपी | Kali figured as |
| पंनग | साँप | serpent |
| भरनी | गरुड़ी; साँपभक्षी पक्षी | female eagle; serpent-devouring bird |
| पुनि | और फिर | and also |
| बिबेक | विवेकरूपी | of discernment |
| पावक | अग्नि | fire |
| कहुँ | के लिए | for |
| अरनी | आग उत्पन्न करने की अरणि-काष्ठ | wood rubbed to kindle fire |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 53
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 53, 54
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।