बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम भरत अस होई।।
मूल पाठ
बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम भरत अस होई।।
जाके सुमिरन तें रिपु नासा। नाम सत्रुहन बेद प्रकासा।।
स्रोत अभिलेख 1.197 · पुस्तक पृ. 196, 197
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो संसारका भरण-पोषण करते हैं, उन (आपके दूसरे पुत्र) का नाम 'भरत होगा। जिनके स्मरणमात्रसे शत्रुका नाश होता है, उनका वेदोंमें प्रसिद्ध 'शत्रुघ्न नाम है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 197 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम भरत अस होई।।
English explanation
He who sustains and nourishes the world shall be named Bharata.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिस्व | विश्व का | of the world |
| भरन | भरण; निर्वाह | sustenance |
| पोषन | पोषण | nourishment |
| कर | करते हैं | provides |
| जोई | जो | he who |
| ताकर | उनका | his |
| नाम | नाम | name |
| भरत | भरत, दशरथ के पुत्र | Bharata, Dasharatha’s son |
| अस | ऐसा | thus |
| होई | होगा | shall be |
2 जाके सुमिरन तें रिपु नासा। नाम सत्रुहन बेद प्रकासा।।
English explanation
He whose remembrance destroys enemies bears the name Shatrughna, proclaimed by the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाके | जिनके | whose |
| सुमिरन | स्मरण | remembrance |
| तें | से | through |
| रिपु | शत्रुओं का | of enemies |
| नासा | नाश | destruction |
| नाम | नाम | name |
| सत्रुहन | शत्रुओं के संहारक, दशरथ के पुत्र शत्रुघ्न | destroyer of enemies: Shatrughna, Dasharatha’s son |
| बेद | वेदों द्वारा | by the Vedas |
| प्रकासा | प्रकट किया गया | proclaimed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.197
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 197
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 196, 197
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।