बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जो आनंद सिंधु सुखरासी। सीकर तें त्रैलोक सुपासी।।
मूल पाठ
जो आनंद सिंधु सुखरासी। सीकर तें त्रैलोक सुपासी।।
सो सुख धाम राम अस नामा। अखिल लोक दायक बिश्रामा।।
स्रोत अभिलेख 1.197 · पुस्तक पृ. 196, 197
भावार्थ
मूल पाठ के बादये जो आनन्दके समुद्र और सुखकी राशि हैं, जिस (आनन्दसिन्धु) के एक कणसे तीनों लोक सुखी होते हैं, उन (आपके सबसे बड़े पुत्र) का नाम 'राम है, जो सुखका भवन और सम्पूर्ण लोकोंको शान्ति देनेवाला है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 197 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जो आनंद सिंधु सुखरासी। सीकर तें त्रैलोक सुपासी।।
English explanation
He who is an ocean of bliss and a treasury of happiness, a single drop of whose bliss satisfies the three worlds—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | he who |
| आनंद | आनंद | bliss |
| सिंधु | समुद्र | ocean |
| सुखरासी | सुख की राशि | treasury of happiness |
| सीकर | एक बूँद | a single drop |
| तें | से | through |
| त्रैलोक | तीनों लोक | the three worlds |
| सुपासी | सुख से तृप्त | satisfied with happiness |
2 सो सुख धाम राम अस नामा। अखिल लोक दायक बिश्रामा।।
English explanation
He is the abode of happiness; his name is Rama, a name that grants repose to all the worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वही | that very one |
| सुख | सुख | happiness |
| धाम | आवास; धाम | abode |
| राम | राम, दशरथ के पुत्र | Rama, Dasharatha’s son |
| अस | ऐसा | thus |
| नामा | नाम | name |
| अखिल | समस्त | all |
| लोक | लोकों को | to the worlds |
| दायक | देने वाला | bestowing |
| बिश्रामा | विश्राम; शांति | repose; peace |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.197
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 197
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 196, 197
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