बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि पूजा भूपति अस भाषा। धरिअ नाम जो मुनि गुनि राखा।।
मूल पाठ
करि पूजा भूपति अस भाषा। धरिअ नाम जो मुनि गुनि राखा।।
इन्ह के नाम अनेक अनूपा। मैं नृप कहब स्वमति अनुरूपा।।
स्रोत अभिलेख 1.197 · पुस्तक पृ. 196, 197
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनिकी पूजा करके राजाने कहा—हे मुनि! आपने मनमें जो विचार रखे हों, वे नाम रखिये। [मुनिने कहा—] हे राजन्! इनके अनेक अनुपम नाम हैं, फिर भी मैं अपनी बुद्धिके अनुसार कहूँगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 197 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 करि पूजा भूपति अस भाषा। धरिअ नाम जो मुनि गुनि राखा।।
English explanation
After worshipping the sage, the king said, ‘Sage, bestow the names you have chosen after due consideration.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| पूजा | पूजा | worship |
| भूपति | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| अस | ऐसा | thus |
| भाषा | कहा | said |
| धरिअ | रखिए | please bestow |
| नाम | नाम | names |
| जो | जो | which |
| मुनि | हे मुनि | O sage |
| गुनि | विचार करके | after considering |
| राखा | चुन रखे हैं | have chosen |
2 इन्ह के नाम अनेक अनूपा। मैं नृप कहब स्वमति अनुरूपा।।
English explanation
The sage said, ‘O king, they have many incomparable names; I shall name them according to my own understanding.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इन्ह | इन बालकों | these children |
| के | के | of |
| नाम | नाम | names |
| अनेक | बहुत से | many |
| अनूपा | अनुपम | incomparable |
| मैं | मैं | I |
| नृप | हे राजन् | O king |
| कहब | कहूँगा | shall say |
| स्वमति | अपनी बुद्धि | my own understanding |
| अनुरूपा | के अनुसार | in accordance with |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.197
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 197
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 196, 197
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।