बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिबिध बिधान बाजने बाजे। मंगल मुदित सुमित्राँ साजे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअनेकों प्रकारके बाजे बजते थे। सुमित्राजीने आनन्दपूर्वक मङ्गल साज सजाये। हल्दी, दूब, दही, पत्ते, फूल, पान और सुपारी आदि मङ्गलकी मूल वस्तुएँ,॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 328 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिबिध बिधान बाजने बाजे। मंगल मुदित सुमित्राँ साजे।।
हरद दूब दधि पल्लव फूला। पान पूगफल मंगल मूला।।
स्रोत अभिलेख 1.346 · पुस्तक पृ. 328, 328
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बिबिध बिधान बाजने बाजे। मंगल मुदित सुमित्राँ साजे।।
English explanation
Musical instruments of many kinds sounded; delighted Sumitra arranged the auspicious materials.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबिध | विविध | various |
| बिधान | प्रकार के | kinds of |
| बाजने | वाद्ययंत्र | musical instruments |
| बाजे | बजे | sounded |
| मंगल | मंगल-सामग्री | auspicious ceremonial materials |
| मुदित | प्रसन्न होकर | joyfully |
| सुमित्राँ | सुमित्रा ने | Sumitra, Lakshmana and Shatrughna’s mother |
| साजे | सजाए | arranged |
2 हरद दूब दधि पल्लव फूला। पान पूगफल मंगल मूला।।
English explanation
Turmeric, sacred grass, curd, fresh leaves, flowers, betel leaves, and areca nuts—all are sources of auspiciousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरद | हल्दी | turmeric |
| दूब | दूर्वा घास | sacred durva grass |
| दधि | दही | curd |
| पल्लव | नए कोमल पत्ते | fresh tender leaves |
| फूला | फूल | flowers |
| पान | पान के पत्ते | betel leaves |
| पूगफल | सुपारी | areca nuts |
| मंगल | शुभता के | of auspiciousness |
| मूला | आधार | sources |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.346
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 328
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 328, 328
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