बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिबसहुँ जासु नाम नर कहहीं। जनम अनेक रचित अघ दहहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविवश होकर (बिना इच्छाके) भी जिनका नाम लेनेसे मनुष्योंके अनेक जन्मोंमें किये हुए पाप जल जाते हैं। फिर जो मनुष्य आदरपूर्वक उनका स्मरण करते हैं, वे तो संसाररूपी [दुस्तर] समुद्रको गायके खुरसे बने हुए गड्ढेके समान (अर्थात् बिना किसी परिश्रमके) पार कर जाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 131 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिबसहुँ जासु नाम नर कहहीं। जनम अनेक रचित अघ दहहीं।।
सादर सुमिरन जे नर करहीं। भव बारिधि गोपद इव तरहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.119 · पुस्तक पृ. 131, 131
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिबसहुँ जासु नाम नर कहहीं। जनम अनेक रचित अघ दहहीं।।
English explanation
Even when people utter his name under compulsion, the sins committed over their many births are burned away.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबसहुँ | विवश होकर भी | even under compulsion |
| जासु | जिनका | whose |
| नाम | नाम | name |
| नर | मनुष्य | people |
| कहहीं | कहते हैं | utter |
| जनम | जन्मों में | in births |
| अनेक | अनेक | many |
| रचित | किए हुए | committed |
| अघ | पाप | sins |
| दहहीं | जल जाते हैं | are burned away |
2 सादर सुमिरन जे नर करहीं। भव बारिधि गोपद इव तरहीं।।
English explanation
Those who remember him reverently cross the ocean of worldly existence as easily as a cow's hoofprint.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सादर | आदरपूर्वक | reverently |
| सुमिरन | स्मरण | remembrance |
| जे | जो | who |
| नर | मनुष्य | people |
| करहीं | करते हैं | practice |
| भव | संसाररूपी | of worldly existence |
| बारिधि | समुद्र | ocean |
| गोपद | गाय के खुर से बने छोटे गड्ढे को | a small hollow made by a cow's hoof |
| इव | जैसे | as if |
| तरहीं | पार करते हैं | cross over |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.119
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 131
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 131, 131
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।