बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिपुल बाजने बाजन लागे। नभ सुर नगर लोग अनुरागे।।
मूल पाठ
बिपुल बाजने बाजन लागे। नभ सुर नगर लोग अनुरागे।।
बने बराती बरनि न जाहीं। महा मुदित मन सुख न समाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.348 · पुस्तक पृ. 329, 330
भावार्थ
मूल पाठ के बादबहुत-से बाजे बजने लगे। आकाशमें देवता और नगरमें लोग सब प्रेममें मग्न हैं। बराती ऐसे बने-ठने हैं कि उनका वर्णन नहीं हो सकता। परम आनन्दित हैं, सुख उनके मनमें समाता नहीं है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 330 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिपुल बाजने बाजन लागे। नभ सुर नगर लोग अनुरागे।।
English explanation
Many musical instruments began to play; the gods in the sky and the people in the city were filled with affection and joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिपुल | बहुत-से | numerous |
| बाजने | बाजे | musical instruments |
| बाजन | बजने | to play |
| लागे | लगे | began |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| सुर | देवता | the gods |
| नगर | नगर में | in the city |
| लोग | लोग | the people |
| अनुरागे | प्रेम और आनंद से भर गए | were filled with affection and joy |
2 बने बराती बरनि न जाहीं। महा मुदित मन सुख न समाहीं।।
English explanation
The splendor of the adorned wedding party cannot be described. They are exceedingly joyful, their hearts unable to contain their happiness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बने | सजे-सँवरे | adorned |
| बराती | बराती | members of the wedding procession |
| बरनि | वर्णन किए | be described |
| न | नहीं | not |
| जाहीं | जा सकते | can be |
| महा | अत्यंत | exceedingly |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| मन | मन में | in their hearts |
| सुख | सुख | happiness |
| न | नहीं | not |
| समाहीं | समाता | can be contained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.348
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 330
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 329, 330
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।