बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिधि केहि भाँति धरौं उर धीरा। सिरस सुमन कन बेधिअ हीरा।।
मूल पाठ
बिधि केहि भाँति धरौं उर धीरा। सिरस सुमन कन बेधिअ हीरा।।
सकल सभा कै मति भै भोरी। अब मोहि संभुचाप गति तोरी।।
स्रोत अभिलेख 1.258 · पुस्तक पृ. 249, 250
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे विधाता! मैं हृदयमें किस तरह धीरज धरूँ, सिरसके फूलके कणसे कहीं हीरा छेदा जाता है। सारी सभाकी बुद्धि भोली (बावली) हो गयी है, अत: हे शिवजीके धनुष! अब तो मुझे तुम्हारा ही आसरा है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 250 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिधि केहि भाँति धरौं उर धीरा। सिरस सुमन कन बेधिअ हीरा।।
English explanation
O Creator, how can I keep my heart steady? Can a diamond be pierced with a tiny bit of a delicate shirisha flower?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधि | हे विधाता! | O Creator! |
| केहि | किस | what |
| भाँति | रीति से | manner |
| धरौं | मैं रखूँ | may I maintain |
| उर | हृदय में | in my heart |
| धीरा | धैर्य | composure |
| सिरस | शिरीष वृक्ष का | of the shirisha tree |
| सुमन | फूल | flower |
| कन | कण से | with a tiny particle |
| बेधिअ | छेदा जाए | be pierced |
| हीरा | हीरा | diamond |
2 सकल सभा कै मति भै भोरी। अब मोहि संभुचाप गति तोरी।।
English explanation
The whole assembly’s judgment has become foolish. O Shiva’s bow, you alone are now my recourse.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | समस्त | entire |
| सभा | सभा | assembly |
| कै | की | of |
| मति | बुद्धि | judgment |
| भै | हो गई | has become |
| भोरी | भोली; विवेकहीन | foolish; undiscerning |
| अब | अब | now |
| मोहि | मुझे; मेरे लिए | for me |
| संभुचाप | हे शिव के धनुष! | O Shiva’s bow! |
| गति | सहारा; आश्रय | recourse; refuge |
| तोरी | तुम्हारा | yours |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.258
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 250
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 249, 250
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।