बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
निज जड़ता लोगन्ह पर डारी। होहि हरुअ रघुपतिहि निहारी।।
मूल पाठ
निज जड़ता लोगन्ह पर डारी। होहि हरुअ रघुपतिहि निहारी।।
अति परिताप सीय मन माही। लव निमेष जुग सब सय जाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.258 · पुस्तक पृ. 249, 250
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुम अपनी जड़ता लोगोंपर डालकर, श्रीरघुनाथजी [के सुकुमार शरीर] को देखकर [उतने ही] हलके हो जाओ। इस प्रकार सीताजीके मनमें बड़ा ही सन्ताप हो रहा है। निमेषका एक लव (अंश) भी सौ युगोंके समान बीत रहा है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 250 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 निज जड़ता लोगन्ह पर डारी। होहि हरुअ रघुपतिहि निहारी।।
English explanation
Pass your heaviness and insensibility onto the people, and grow light upon seeing Rama, lord of the Raghu line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपनी | your own |
| जड़ता | जड़ता; भारीपन | inertness; heaviness |
| लोगन्ह | लोगों | the people |
| पर | पर | onto |
| डारी | डालकर | having transferred |
| होहि | हो जाओ | become |
| हरुअ | हलके | light |
| रघुपतिहि | रघुकुल के स्वामी राम को | Rama, lord of the Raghu line |
| निहारी | देखकर | upon seeing |
2 अति परिताप सीय मन माही। लव निमेष जुग सब सय जाहीं।।
English explanation
Sita’s heart is deeply distressed; even tiny moments seem to pass like ages. The wording of the final phrase is uncertain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | extreme |
| परिताप | संताप; व्यथा | anguish |
| सीय | सीता के | Sita’s |
| मन | मन | heart |
| माही | में | within |
| लव | अत्यल्प समय-खंड | a tiny unit of time |
| निमेष | पलक झपकने जितना समय | a blink of time |
| जुग | युग | ages |
| सब | सब; सभी | all |
| सय | समान; युग के समान लंबा प्रतीत होने वाला। | Like or equal to; seeming as long as an age. |
| जाहीं | बीतते हैं | pass |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.258
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 250
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 249, 250
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।