बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बातुल भूत बिबस मतवारे। ते नहिं बोलहिं बचन बिचारे।।
मूल पाठ
बातुल भूत बिबस मतवारे। ते नहिं बोलहिं बचन बिचारे।।
जिन्ह कृत महामोह मद पाना। तिन् कर कहा करिअ नहिं काना।।
स्रोत अभिलेख 1.115 · पुस्तक पृ. 127, 128
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिन्हें वायुका रोग (सन्निपात, उन्माद आदि) हो गया हो, जो भूतके वश हो गये हैं और जो नशेमें चूर हैं, ऐसे लोग विचारकर वचन नहीं बोलते। जिन्होंने महामोहरूपी मदिरा पी रखी है, उनके कहनेपर कान न देना चाहिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 128 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बातुल भूत बिबस मतवारे। ते नहिं बोलहिं बचन बिचारे।।
English explanation
The deranged, those possessed by spirits, and the intoxicated do not speak thoughtfully.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बातुल | पागल; विक्षिप्त | deranged |
| भूत | भूत के | of a possessing spirit |
| बिबस | वश में पड़े | under the control |
| मतवारे | नशे में मतवाले | intoxicated |
| ते | वे | they |
| नहिं | नहीं | not |
| बोलहिं | बोलते हैं | speak |
| बचन | वचन; बातें | words |
| बिचारे | विचार करके | after consideration |
2 जिन्ह कृत महामोह मद पाना। तिन् कर कहा करिअ नहिं काना।।
English explanation
One should not heed the words of those who have drunk the intoxicating liquor of profound delusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिन्होंने | those who |
| कृत | किया है | have performed |
| महामोह | महान मोह की | of profound delusion |
| मद | मदिरा | intoxicating liquor |
| पाना | पान; पीना | drinking |
| तिन् | उन लोगों | those people |
| कर | का | of |
| कहा | कहा हुआ | what is said |
| करिअ | करना चाहिए | one should do |
| नहिं | नहीं | not |
| काना | कान देना; ध्यान देना | heeding; giving ear |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.115
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 128
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 127, 128
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