बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरे लोग रजायसु भयऊ। सुतन्ह समेत नृपति गृहँ गयऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दआज्ञा हुई तब सब लोग [अपने-अपने घरोंको] लौटे। राजा दशरथजी भी पुत्रोंसहित महलमें गये। जहाँ-तहाँ सब श्रीरामचन्द्रजीके विवाहकी गाथाएँ गा रहे हैं। श्रीरामचन्द्रजीका पवित्र सुयश तीनों लोकोंमें छा गया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 340 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बहुरे लोग रजायसु भयऊ। सुतन्ह समेत नृपति गृहँ गयऊ।।
जहँ तहँ राम ब्याहु सबु गावा। सुजसु पुनीत लोक तिहुँ छावा।।
स्रोत अभिलेख 1.361 · पुस्तक पृ. 340, 341
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बहुरे लोग रजायसु भयऊ। सुतन्ह समेत नृपति गृहँ गयऊ।।
English explanation
The king gave permission, and the people departed. The king went home with his sons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरे | लौट गए | returned; departed |
| लोग | लोग | the people |
| रजायसु | राजा की आज्ञा | the king’s permission |
| भयऊ | हुई | was given |
| सुतन्ह | पुत्रों के | with the sons |
| समेत | सहित | together with |
| नृपति | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| गृहँ | घर को | to the home |
| गयऊ | गए | went |
2 जहँ तहँ राम ब्याहु सबु गावा। सुजसु पुनीत लोक तिहुँ छावा।।
English explanation
Everywhere, everyone sang of Rama’s wedding. His holy, noble renown spread throughout the three worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | wherever |
| तहँ | वहाँ | there |
| राम | राम का | of Rama |
| ब्याहु | विवाह | wedding |
| सबु | सबने | everyone |
| गावा | गाया | sang |
| सुजसु | सुंदर यश | noble renown |
| पुनीत | पवित्र | holy; pure |
| लोक | लोकों में | in the worlds |
| तिहुँ | तीनों | all three |
| छावा | छा गया | spread throughout |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.361
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 340
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द · श्रीरामचरित सुनने-गानेकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 340, 341
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।